आज सुबह काम में उलझी थी, एक के बाद एक मैसेज आ रहे थे।

बीच में गमलों को पानी देने बालकनी पर गई, सामने पहाड़ बिल्कुल साफ दिख रहे थे।
इतना साफ आसमान यहाँ कम ही दिखता है।
2 मिनट वहीं खड़ी रह गई, कुछ सोचा भी नहीं बस देखती रही।
लौटकर काम वहीं का वहीं था, पर मन थोड़ा हल्का हो गया था, मतलब बस देखकर ही अच्छा लगा।
आप लोग काम के बीच में ऐसे कैसे रुकते हो, कुछ बताओ जी।
