काम के बीच थोड़ी देर रुकी।
मग में कॉफ़ी अभी गरम ही थी।
फ़ोन पर एक और शादी का कार्ड आया।
इस हफ़्ते ऐसे कई आ चुके हैं।

बच्चों को भेजकर बस बैठी थी काम पर।
बीच में यही एक पल (सिर्फ़ अपने लिए) था।
वीकेंड पर पहाड़ की तरफ़ निकलने का मन है।
वहीं थोड़ी साँस मिलती है।
