टेलर की दुकान से निकली तो यह गली अचानक बहुत शांत लग रही थी।

शाम के 7 बज रहे थे। एक गुलाबी घर था, लाल छत वाला, बाहर बाइक खड़ी थी।
अगले महीने दोस्तों की 3 शादियां हैं। ब्लाउज़ की फिटिंग करवाने गई थी, वहीं से यह फोटो खींच ली।
बच्चों को स्कूल से लाने का टाइम हो रहा था फिर भी 2 मिनट रुक गई। कुछ गलियां ऐसी होती हैं जहां बस रुकना अच्छा लगता है।
(वीकेंड पर पहाड़ जाने का प्लान भी है, बस थोड़ी थकान ज़्यादा रहती है आजकल)
