आजकल काम एकदम नहीं था, अचानक इतना आ गया कि सांस लेने की फुरसत भी नहीं मिली।
बीच में उठकर बालकनी में गई, बस थोड़ी देर के लिए।

सामने दफ़्तरों की बिल्डिंगें, पीछे दूर तक घर ही घर, और ऊपर आसमान ऐसा रंग भर रहा था…
लैपटॉप बंद करने का मन तो नहीं था, फिर भी थोड़ी देर खड़ी रह गई।
आप लोगों को भी काम के बीच अचानक ऐसे रुक जाने का मन करता है क्या।
