काम के बीच में निकली थी थोड़ी देर के लिए, सामने वाली गली की तरफ,

ऊपर देखा तो इमारतों के बीच से आसमान बस इतनी सी पट्टी जैसा दिख रहा था, बालकनियाँ एक के ऊपर एक, हर घर का रंग अलग अलग,
आजकल काम बहुत ज़्यादा चल रहा है, सुबह से शाम तक स्क्रीन के आगे ही निकल जाती है, बीच में ऐसे थोड़ी देर बाहर निकल जाए तो साँस थोड़ी हल्की हो जाती है,
गली पुरानी लग रही थी, दीवारें भी पुरानी, पर वहाँ खड़े होकर बस ऊपर देखते रहना अच्छा लगा,
फिर वापस लैपटॉप के पास आ गई, काम अभी बाकी है
