आज सुबह से लैपटॉप और रिपोर्ट टेबल पर फैले पड़े हैं।
फ्रीलांस में ऐसा ही चलता है, कभी काम एक साथ आ जाता है, कभी हफ्तों कुछ नहीं होता।
आज वाला दिन भरा हुआ निकला।

बीच में पुरानी डायरी भी खोली, कुछ हिसाब लिखने के लिए।
रोटी सेंकने का मन तो था, पर वो कल पर टाल दिया।
अभी टेबल पर यही सब बिखरा पड़ा है।
लंबी बात के लिए माफी।
