आज सुबह 9 बजे निकली तो रास्ता पार्क से होकर था।
धूप हल्की थी, घास एकदम हरी, लोग टहल रहे थे अपनी-अपनी रफ़्तार में।
बरसों बाद किसी और काम के लिए नहीं, अपने इंटरव्यू के लिए जा रही थी, बच्चों को स्कूल छोड़ने या सामान लेने नहीं।

रास्ता वही पुराना पार्क था पर कदम आज कुछ और तरह से पड़ रहे थे, रिज़ल्ट का अभी पता नहीं।
अगले महीने भतीजे की शादी में भी शायद यही वाला सूट पहनना पड़े, अभी तो इंटरव्यू पहले।
