← सूची

जीवन का समय ›आज की एक तस्वीर

[खाना] घर की थाली

आज दुकान 8 बजे बंद करके घर लौटी।
पूरे दिन बैठे-बैठे कमर अकड़ गई थी, सीधा होने में भी वक्त लगा।
फिर भी उठकर आटा गूंधने बैठ गई, रोटी-नान बनाकर थाली सजा दी।
पिछले महीने से घर का हिसाब-किताब फिर लिखना शुरू किया है, तो अब बाहर का खाना लगभग बंद है, ज़्यादातर घर पर ही बनता है।
अकेले पकाना कभी-कभी थकाता है, पर जेब पर हल्का ज़रूर पड़ता है।
वैसे रोज़ ब्रेड बनाने की आदत है, आज मन बदलकर रोटी-नान की तरफ मुड़ गया।
थाली देख के बस यही लगा, इतना भी काफ़ी है…

A dining table set with three distinct plates of food, showcasing a variety of dishes for a shared m

टिप्पणियाँ 0

  • अभी कोई टिप्पणी नहीं।
सभी पोस्ट देखें →