आज सुबह डेस्क पर लैपटॉप के बगल में नोटबुक खोल के बैठ गई, जी में आया कि ब्रेड के पैकेट पर चिपकाने के लिए एक छोटा सा निशान बना लूँ।

पहले सोचा टाइप करके ही किसी फॉन्ट से काम चला लूँगी, कीबोर्ड पर नाम लिख के भी देखा, पर मन को जचा नहीं।
फिर पेंसिल उठा ली और हाथ से स्केच करना शुरू किया। कितने बरसो बाद हाथ से कुछ बनाया है याद भी नहीं आ रहा। रिटायर होने के बाद टाइम तो खूब मिल गया है, पर हाथ इतना बेढंगा हो गया होगा ऐसा नहीं सोचा था।
लाइन सीधी नहीं बन रही थी, गोला भी टेढ़ा हो गया, फिर भी बार बार बना के देखती रही। सामने पड़े शादी वाले कार्ड्स से भी थोड़ा आइडिया लिया, उनका design देख के अपने हिसाब से बदल दिया।
आप लोगों से पूछना था, ऐसे ही घर बैठे किसी ने कोई छोटा शौक शुरू किया है क्या।
आखिर में जो बना वो किसी प्रोफेशनल logo जैसा तो नहीं लगा, पर अपने हाथ से बना हुआ लग रहा है, बस यही सोच के मन शांत हो गया। अब इसी स्केच को स्कैन करवा के छोटे sticker बनवाने का सोच रही हूँ, ब्रेड के डब्बों पर चिपकाने के लिए।
