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मन का समय ›कृतज्ञता डायरी

रात की चाय, थोड़ा सुकून

रात को सबके सोने के बाद थोड़ी देर चाय पी और चुपचाप बैठी रही।
आज हाथ की खुजली भी कुछ कम रही, बस यही सुकून लगा।

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