आज आटा गूंधते वक्त हाथ जल्दी थक गया।
पहले वाली ताकत अब नहीं बची।
फिर भी रोटी बन गई, बस यही।
आटा गूंधना आज भारी लगा
टिप्पणियाँ 0
- अभी कोई टिप्पणी नहीं।
लॉग इन करके टिप्पणी कर सकते हैं।
आज आटा गूंधते वक्त हाथ जल्दी थक गया।
पहले वाली ताकत अब नहीं बची।
फिर भी रोटी बन गई, बस यही।
लॉग इन करके टिप्पणी कर सकते हैं।