आज सुबह ब्रेड गूंधते वक्त हाथों में उतनी दिक्कत नहीं हुई जितनी सोच रखी थी, मन को राहत मिली।
आज हाथों ने साथ दिया
कमेंट 0
- अभी कोई टिप्पणी नहीं।
लॉग इन करके टिप्पणी कर सकते हैं।
आज सुबह ब्रेड गूंधते वक्त हाथों में उतनी दिक्कत नहीं हुई जितनी सोच रखी थी, मन को राहत मिली।
लॉग इन करके टिप्पणी कर सकते हैं।