हाथों में आज फिर से खुजली शुरू हो गई। रात ठीक से नींद नहीं आई थी सो सुबह से ही मन भारी था। बच्चों को स्कूल भेजते भेजते कलाई की तरफ खरोंच आ गई देखा तो।

शाम को थोड़ी हवा चली तब जाकर हल्का सुकून मिला।
अगले हफ्ते एक शादी में जाना है सोच सोच कर ही थकान हो रही है। कौन सी बाजू वाली कमीज पहनूं अभी तय नहीं हुआ (हाथ ज्यादा ना दिखे बस)।
पहाड़ जाने का plan भी टल गया इस weekend। बस आज का मन ऐसा ही अटका हुआ रहा।
