चिपचिपी उमस, और गर्दन फिर हल्की खुजली में।
कोहनी की तरफ भी रात से कुछ अजीब सा खिंचाव है।
पिछले कुछ दिनों से यही रोज़ का सिलसिला बन गया है।
दफ्तर के AC में जाते ही त्वचा और रूखी हो जाती है, moisturizer अब बैग में (हमेशा) रहता है।
बाहर नमी, अंदर सूखापन – बीच में त्वचा उलझी हुई सी है।
नींद भी बीच-बीच में टूट रही है, बस यही आजकल का हाल है।
कोहनी में हलचल
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