गर्दन और कोहनी के मोड़ पर पिछले 3 हफ्ते से खुजली इतनी बढ़ गई है कि रात को नींद टूट जाती है। कल रात भी करीब 2 बजे आंख खुल गई, हाथ अपने आप वहीं खुजा रहे थे।
बचपन में भी कुछ साल यही परेशानी रही थी, फिर करीब 30 साल तक कुछ नहीं हुआ, तो अब 52 की उम्र में दोबारा शुरू होना समझ से बाहर है। पहले लगा गर्मी की वजह से होगा, पर बरसात शुरू होते ही और बढ़ गई।
हल्दी और नीम पीसकर दो बार लेप लगाया, पहले दिन थोड़ा आराम भी लगा था, लेकिन तीसरे दिन फिर वैसा ही हो गया। घर का सारा काम खुद ही करती हूं, बर्तन-कपड़े, नाती-पोती को नहलाना-धुलाना, मसाले पीसना, तो हाथों का पानी और साबुन-सर्फ से बचना मुश्किल है।
सबसे ज्यादा परेशानी ये है कि अगले महीने भतीजे की शादी है, ब्लाउज़ की आस्तीन छोटी है और गर्दन-कोहनी के निशान साफ दिखेंगे। कोई पूछेगा तो क्या बोलूं, समझ नहीं आ रहा! रिश्तेदारों के सामने ये सब बताना भी अजीब लगता है।
पिछले हफ्ते ही सेकंड हैंड में एक कूलर लिया था ताकि कमरे में गर्मी थोड़ी कम लगे, पर अब सोचती हूं कहीं उसी की हवा से जलन और तो नहीं बढ़ रही, कुछ समझ नहीं आ रहा किस चीज़ से हो रहा है।
वैसे भी आजकल नींद देर से आ रही है, नौकरी बदलने की सोच चल रही है तो वो टेंशन अलग से है, ऊपर से ये खुजली दिन भर परेशान करती रहती है। बस मन बहुत भारी हो जाता है, समझ नहीं आ रहा किससे कहूं।
