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मन का समय ›आँसुओं की कहानियाँ

शादियों के बीच हाथ छुपाना

रात में बच्चों को सुला देती हूं तब थोड़ी फुर्सत मिलती है।
और ठीक उसी वक्त खुजली शुरू हो जाती है।
दिन भर की भागदौड़ में शरीर को याद नहीं रहता, रात होते ही सब एक साथ निकल आता है।

ऑफिस में हाथ छुपाना मुश्किल हो गया है।
गर्दन और कलाई के निशान साफ दिखते हैं।
कोई पूछता नहीं, बस नज़र भर देख लेता है। वो नज़र (सबसे ज़्यादा) परेशान करती है।

ऊपर से शादियों का सीज़न चल रहा है।
पिछली शादी में साड़ी की जगह सलवार पहननी पड़ी, सिर्फ हाथ छुपाने के लिए।
अगली में क्या पहनूं, अभी से समझ नहीं आ रहा।

वीकेंड पर पहाड़ पर निकल जाती हूं तो थोड़ी सांस मिलती है।
पर सोमवार आते ही फिर वही चक्र शुरू हो जाता है।

इलाज अभी शुरू ही किया है, पता नहीं कब तक ऐसा चलेगा।
बस आज मन भारी था।

कमेंट 3

  • बारिश03.10

    वो घूरने वाली नज़र सबसे ज़्यादा चुभती है जी, मैंने भी शादी में हाथ छुपाने के लिए फुल स्लीव्स पहनी थी। पहाड़ पर राहत मिलना अच्छा है, इलाज में डॉक्टर ने क्या कहा है

  • मुस्कान03.11

    नज़र वाली बात सही कही, मेरे साथ भी ऐसा होता था, कोई बोलता नहीं बस देख लेता है

  • गुलाबी03.11

    बच्चे सुलाने के बाद वाली खुजली मुझे भी होती है, कलाई का निशान मैं भी छुपाती हूं, 3 हफ्ते से इलाज चल रहा है

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