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मन का समय ›आँसुओं की कहानियाँ

काम का तनाव और देर रात, फिर वही खुजली

आज ऑफिस में मीटिंग खत्म होने के कुछ देर बाद अचानक कलाई पर खुजली शुरू हो गई।

पिछले कुछ दिनों से काम का बोझ ज़्यादा ही बढ़ गया है।
प्रोजेक्ट की डेडलाइन सिर पर है, और घर आकर भी दिमाग वहीं का वहीं अटका रहता है।
बच्चों के स्कूल का काम, घर का काम, और बीच में ऑफिस के मैसेज, सब एक साथ चलते रहते हैं।

रात को दोनों बच्चों को सुला देने के बाद थोड़ी देर के लिए अकेले बैठने का मन करता है।
पहले उसी वक़्त में कैमरा उठाकर मोहल्ले की गलियों की तस्वीरें खींचने निकल जाती थी।
पुराना फिल्म कैमरा है, रोल भी महंगा पड़ता है इसलिए बहुत ज़्यादा फोटो नहीं खींच पाती, लेकिन उतनी देर के लिए सिर एकदम हल्का हो जाता था।

अब वो वक़्त भी धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।
काम खत्म ही नहीं होता तो कैमरा उठाने का मन भी नहीं करता, और उसकी जगह बस देर तक जागे रहना शुरू हो गया है।
सोने का समय रोज़ थोड़ा और पीछे खिसकता जा रहा है, और सुबह उठते ही फिर वही थकान लेकर दिन शुरू होता है।

स्किन का मामला भी शायद यहीं से जुड़ा हुआ है।
मेरे मामले में तो जब भी काम का दबाव ज़्यादा बढ़ता है, कुछ ही दिनों में कोहनी और गर्दन के आसपास लाली और खुजली दिखने लगती है।
अभी शुरुआत ही है, इसलिए ठीक से समझ नहीं आ रहा कि करना क्या है, बस असर साफ महसूस हो रहा है।

पता नहीं सबके साथ भी ऐसा होता है या सिर्फ मेरे साथ ही।
काम, बच्चे, और अपने लिए वो थोड़ा सा वक़्त, तीनों को साथ लेकर चलना कुछ दिनों से बहुत भारी लगने लगा है।

बस मन में जो चल रहा था, वो यहीं लिख दिया।
कुछ पूछना नहीं है, बस थोड़ा हल्का महसूस करने के लिए लिखा है।

कमेंट 2

  • खुशबू06.23

    स्ट्रेस बढ़ने पर खुजली भी बढ़ जाती है, यही मेरे साथ भी होता है। Deadline पास हो तो रात में कलाई और गर्दन दोनों में शुरू हो जाती है। कैमरा वाली आदत छूटना (सच में अफ़सोस की बात) है, अपने लिए समय निकालना अभी मुश्किल हो जाता है

  • मुस्कान09.10

    तनाव से खुजली बढ़ती है

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