पिछले 6-7 दिन से गर्दन और कोहनी की सिलवट में खुजली इतनी बढ़ गई है कि रात को नींद भी ठीक से नहीं आती। बरसात शुरू होते ही यह शुरू हुआ, और ब्लाउज़ का कपड़ा जहां-जहां रगड़ खाता है वहां हाल और बुरा है। घर का सारा काम, बर्तन-सफाई, मसाले, नाती की देखभाल यह सब वैसे भी चलता रहता है तो हाथ तो पहले से ही कच्चे रहते हैं, पर इस बार गर्दन-कोहनी में जो हो रहा है वो बिलकुल नया लग रहा है मुझे।
बचपन में कुछ साल यही तकलीफ हुई थी, फिर बरसों तक कुछ नही हुआ, अब इस उम्र में 2 बारा शुरू हो जाएगा ऐसा सोचा नही था। थोड़ी हैरान भी हूं और थोड़ी घबराई भी, समज नही आ रहा कि आख़िर क्या बदला जो फिर से यह शुरू हो गया।
2 दिन पहले हल्दी और नीम पीसकर लेप लगाया था, पहले दिन सच में आराम लगा, रात को खुजली कम हो गई थी, पर 3 दिन में फिर वैसी ही हो गई। मतलब जितना आराम मिला उतनी जल्दी वापस भी आ गया। रात को सोने का समय भी बहुत देर से हो रहा है आजकल, कभी 12 तो कभी 1 बज जाता है, नौकरी ढूंढने का काम भी साथ में चल रहा है तो दिमाग वैसे भी शांत नहीं रहता।
सबसे ज़्यादा फ़िक्र यह है कि अगले महीने भतीजे की शादी है, हाथ और गर्दन खुले रहेंगे। किसी ने निशान देखकर पूछ लिया तो क्या बोलूंगी यह अभी से सोचने लगती हूं। घर में जो पुराना सामान है उसी से काम चला रहे हैं, नई साड़ी-ब्लाउज़ भी अभी तक नही बनवाया।
बस यही सोचकर लिख रही हूं कि शायद किसी और को भी ऐसा हो रहा हो, अकेले मैं ही नही हूं।
