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मन का समय ›आँसुओं की कहानियाँ

घर के काम से हाथ खराब, शादी नज़दीक

बरसात शुरू होते ही गर्दन और कोहनी की मोड़ पर खुजली बहुत बढ़ गई है, ब्लाउज़ का कपड़ा जहां-जहां छूता है वहां तो और भी जलन होती है। रात को सोते समय खुजा-खुजाकर उठ जाती हूं, फिर नींद टूट जाती है सो अलग।

हल्दी और नीम का लेप लगाया था, 3 दिन तक तो ठीक-ठाक लगा, थोड़ा आराम भी मिला, पर चौथे दिन से फिर वही हाल हो गया। समझ नहीं आ रहा कि लेप का असर इतना कम क्यों टिकता है, या मुझे कुछ और तरीका अपनाना चाहिए।

बचपन में भी 4-5 साल तक यही परेशानी रही थी, फिर लगभग 30 साल तक कुछ नहीं हुआ, तो अब 52 की उम्र में 2 बारा शुरू होने पर सच में हैरान हूं, थोड़ी घबराहट भी है, मतलब ये सोचकर कि इतने साल बाद क्यों लौटी।

घर का सारा काम खुद करती हूं, बर्तन-कपड़े का साबुन, मसाले, पोते-पोती को नहलाना-खिलाना, हाथ दिनभर पानी में ही रहते हैं तो शायद इसी वजह से हाथ की हालत ज़्यादा खराब है। रात को नौकरी के लिए इंटरनेट पर देखते-देखते सोने का टाइम भी अब 12 बजे के बाद ही होता है, शायद इससे भी कुछ फर्क पड़ता हो, पता नहीं।

अगले महीने भतीजे की शादी है, हाथ तो खुले ही रहेंगे, अगर किसी ने निशान देख लिया और पूछ लिया तो क्या जवाब दूं यही समझ नहीं आ रहा। आप सब को बचपन के बाद, इतने सालों बाद ऐसे 2 बारा हुआ है क्या? और लेप या घरेलू नुस्खे के अलावा कोई और तरीका हो जो जल्दी और टिककर असर करे, तो बताइए ना, बहुत परेशान हूं मैं।

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