संडे को बच्चों के साथ पहाड़ पर गई थी। हवा अच्छी थी, मन भी हल्का लग रहा था। पर घर लौटते ही गर्दन और कोहनी पर फिर से खुजली शुरू हो गई।
रात को नींद बीच में टूट गई। घड़ी देखी तो 2 बजे थे।
सुबह ऑफिस के लिए तैयार होते वक्त हाथ पर लाल निशान साफ दिख रहे थे। इतनी गर्मी में भी फुल स्लीव्स की शर्ट पहननी पड़ी।
अगले महीने तीन शादियां हैं, दोस्तों की। सब पहले से ब्लाउज़ का साइज़ पूछ रही हैं, और मैं यहां हाथ छुपाने के बारे में सोच रही हूं।

बच्चों को संभालना, ऑफिस का काम, ऊपर से ये स्किन। तीनों एक साथ थकाने लगे हैं।
शुरुआत में लगा था कि जल्दी ठीक हो जाएगा। अब 3 हफ्ते हो चुके हैं, कुछ खास फर्क नहीं है।
आज बस मन हल्का करना था, इसलिए लिख दिया।
