आज सुबह ब्रेड के लिए आटा गूंथ रही थी, हाथों में फिर वही जलन शुरू हो गई। कलाई के पास लाल निशान भी आ गए।
बचपन में ये सब था, फिर सालों तक कुछ नहीं हुआ। अब इस उम्र में अचानक लौट आया, समझ नही आ रहा क्यों।
रिटायरमेंट के बाद सोचा था फुर्सत में बेकिंग करूंगी, घूमूंगी, पर ज़्यादातर वक्त हाथों को देखते और क्रीम लगाते ही निकल जाता है।
इसी बीच दोस्तों की शादियों की लाइन लगी है। हर बार सोचती हूं कौन सा ब्लाउज़ पहनूं जिसमें दाग ना दिखें।
रात को खुजली की वजह से नींद भी टूट जाती है, सुबह थकी हुई उठती हूं। शादी में रिश्तेदारों के सामने भी हाथ छुपाने लगी हूं, अजीब सा लगता है।
मन थोड़ा भारी है आजकल, बस यही चल रहा है।
