बारिश का मौसम आते ही गर्दन और कोहनी पर वो पुरानी खुजली फिर लौट आई है।
रात को नींद बार-बार टूट रही है, नमी से त्वचा एकदम चिपचिपी हो जाती है।
दफ़्तर की तरफ़ से भी राहत नहीं –
– पूरे दिन AC चलता रहता है
– स्किन उल्टा रूखी पड़ जाती है
– मॉइस्चराइज़र (दिन में कई बार) लगाने के लिए उठना पड़ता है, बीच में अकाउंट्स का काम भी टूटता है
घर पर मसालेदार खाना और डेयरी से बचने की कोशिश करती हूँ, पर त्योहारों के मौसम में ये टालना मुश्किल हो जाता है… मिठाई-पकवान सामने आ ही जाते हैं।
हर साल यही चक्र दोहराता है, बरसात आते ही स्किन को फिर से नई परीक्षा देनी पड़ती है!
पिछले कुछ साल हालत काफी ठीक थी, इसलिए इस बार का ये लौटना थोड़ा थका देने वाला लग रहा है।
