रात को बच्चों को सुलाते-सुलाते 11 बज गए। क्रीम लगाने का ख्याल ही नहीं आया।
सुबह उठी तो उंगलियों के बीच खुजली शुरू हो गई। इतने दिन से रोज रात क्रीम लगा रही थी, एक दिन भी नहीं छोड़ा था। बस कल रात भूल गई, और आज सुबह ये हाल।
सोचा था शुरुआत में ऐसे दिन नहीं आएंगे… लगता है वही सोच गलत थी।
बच्चों ने सुबह हाथ देखकर पूछा भी, बस हाथ हटा लिया, कुछ नहीं कहा।
काम पर जाते हुए भी दिमाग में यही घूम रहा था – [एक रात] में इतना फर्क कैसे आ गया।
