कल रात भी ठीक से नींद नहीं आई, उमस इतनी थी कि पंखा भी कुछ खास काम नही कर रहा था, बीच-बीच में नींद टूट ही जाती रही, रात के करीब 2 बजे तक।
सुबह जल्दी उठना था, सबका नाश्ता-वाश्ता बनाना था तो फिर से आंख नहीं लग पाई, अब पूरा दिन ऐसे ही थकी-थकी सी घूम रही हूं जी।
ऊपर से अगले महीने भतीजे की शादी भी है, सोच रही थी वहां जाकर थोड़ा फ्रेश दिखना है पर अभी तो हालत ये है…
रात को सोने का टाइम भी करीब एक हफ्ते से रोज़ थोड़ा और लेट होता जा रहा है, समझ नहीं आ रहा किधर से टाइम मैनेज करूं, आप सब लोगों का भी ऐसा होता है क्या कभी-कभी, नींद का पूरा हिसाब ही बिगड़ जाता है।
