आज ऑफिस से निकलते ही घर जाने का मन नहीं हुआ।
कैमरा उठाया और यूं ही गली की तरफ निकल गई।
कुछ खास नहीं, बस पुरानी दुकान का बोर्ड देखकर अच्छा लगा तो खींच लिया।
शाम की रोशनी उस वक्त बहुत अच्छी लग रही थी, पता नहीं क्यों मन थोड़ा हल्का हो गया।
बच्चे घर पर इंतज़ार कर रहे होंगे, पता है, फिर भी थोड़ी देर वहीं रुक गई।
पता नहीं क्यों, आज बस मन ऐसा ही था।
