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साथ चलें ›खुली गपशप

आज शाम कैमरा लेकर यूं ही निकल गई

आज ऑफिस से निकलते ही घर जाने का मन नहीं हुआ।

कैमरा उठाया और यूं ही गली की तरफ निकल गई।

कुछ खास नहीं, बस पुरानी दुकान का बोर्ड देखकर अच्छा लगा तो खींच लिया।

शाम की रोशनी उस वक्त बहुत अच्छी लग रही थी, पता नहीं क्यों मन थोड़ा हल्का हो गया।

बच्चे घर पर इंतज़ार कर रहे होंगे, पता है, फिर भी थोड़ी देर वहीं रुक गई।

पता नहीं क्यों, आज बस मन ऐसा ही था।

कमेंट 4

  • चायप्रेमी12.02

    शाम की रोशनी सच में मन हल्का कर देती है, मुझे भी वैसे ही टहलना अच्छा लगता है

  • मुस्कान12.03

    वो थोड़ी देर रुकना समझ आता है

  • मुस्कान12.03

    शाम की रोशनी सच में मन हल्का कर देती है, मैं भी कभी छत पर बैठ जाती हूं

  • बारिश12.03

    मन हल्का होने वाली बात बहुत समझ आती है जी, बच्चों का इंतज़ार होते हुए भी रुक जाना अच्छा लगता है

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