
आज ऑफ़िस से निकलते वक़्त अचानक बारिश की हल्की बूँदें पड़ने लगीं, और मिट्टी की वो जानी-पहचानी खुशबू आ गई।
बहुत दिनों बाद ऐसा लगा कि थोड़ी देर के लिए दिमाग कहीं और चला गया और काम का सारा शोर पीछे छूट गया, शायद ऐसा सिर्फ़ मेरे साथ ही होता है।
ऐसे मौसम में पुराना कैमरा निकालने का मन तो बहुत करता है, पर आजकल समय निकालना मुश्किल हो रहा है।
घर पहुँचते-पहुँचते बच्चों का शोर फिर शुरू हो गया, तो वो पल जल्दी ही खत्म हो गया।
पर वो थोड़ी सी खुशबू अब तक याद है, बस वही बताना था, और कुछ खास नहीं।
