आज शाम बेटी होमवर्क कर रही थी, बीच में बोली “मम्मी शुक्रवार को सहेली की शादी में क्या पहनोगी?”
याद आया, इस महीने ये तीसरी शादी है!
रविवार को दोस्तों के साथ ट्रेक पर गई थी, तीन घंटे लगातार चली थी। उस वक्त बहुत अच्छा लगा।
पर मंगलवार तक भी टांगें दुखती रहीं, अब समझ आया उम्र हो चली है।
बेटा भी परसों बोल रहा था “आप हमेशा थकी हुई क्यों रहती हो।”
कुछ जवाब नहीं दे पाई उसे।
दो बच्चों की पढ़ाई, ऑफिस का काम, और अब ऊपर से शादियों का सीज़न।
कभी-कभी बस चुपचाप बैठ के चाय पीने का मन करता है, बाकी कुछ नहीं।
किसी और का भी यही हाल है क्या इन दिनों?
