आजकल शाम को खाने के टाइम पर फोन साइड में रखने की कोशिश कर रही हूं। शुरुआत 6 दिन पहले हुई। बच्चे दोनों खाते वक्त टैबलेट में लगे रहते थे, मैं भी काम के मैसेज देखती रहती थी। एक दिन सोचा बस [30 मिनट] तो है, फोन दूर ही रख दूं।
पहले 2 दिन अजीब लगा। हाथ बार-बार जेब की तरफ जाता था।
3 दिन बाद से बेटी खुद बातें करने लगी। स्कूल की, टीचर की, दोस्तों की। ये बातें शायद पहले कभी (ठीक से) सुनी ही नहीं थीं।
काम की थकान वैसी ही है, नींद भी पूरी नहीं होती। पर ये [30 मिनट] अब दिन का सबसे शांत हिस्सा लगता है।
वीकेंड में शादियां लगातार लगी हैं तो trek भी इस बार टल गया। पर रोज़ का ये छोटा बदलाव अभी तक चल रहा है।
किसी और ने भी ऐसा कुछ ट्राई किया है क्या
