रविवार का ट्रेक इस बार टल गया।
ग्रुप में शादी की शॉपिंग का मैसेज आया तो सब वहीं बिज़ी हो गए, प्लान अपने आप कैंसिल हो गया।
सुबह जल्दी उठ भी गई थी, बैग रात को ही पैक करके रखा था।
फिर सोचा चलो कोई बात नहीं, (थोड़ा आराम मिल गया) यही सही।
घर पर बच्चों ने पूरा दिन उधम मचाया, रिमोट को लेकर दोनों में झगड़ा भी हो गया, बीच में मुझे ही सुलझाना पड़ा।
बीच बीच में शादियों की लिस्ट भी दिमाग में घूमती रही, अगले महीने की तारीखें देख कर ही थकान हो रही है।
खैर, ट्रेक अगले वीकेंड फिर से कोशिश करेंगे।
