आज सुबह ट्रेक पर हमेशा वाले रास्ते से थोड़ा हट गई।

ऊपर की तरफ एक छोटा तालाब मिला, वहां कोई नहीं था।
बिल्कुल शांत, कोई आवाज़ नहीं।
5 मिनट बस वहीं बैठी रही, कुछ सोचा भी नहीं।
इस हफ्ते 2 शादियां हैं, घर पर भी काम ढेर सारा पड़ा है।
पर वो 5 मिनट किसी और चीज़ जैसे लगे।
घर आके बच्चों का शोर सुना तो सब वापस नॉर्मल हो गया।
