आज सुबह जल्दी निकल गई ट्रेक पर, बच्चे अभी सो रहे थे। पति घर पर था तो उसके भरोसे छोड़ दिया।
लौटते वक्त मन हल्का लग रहा था। पर घर पहुंचते ही अंदर से यही चलता रहा कि बच्चों को छोड़कर अकेले मजे कर आई।
बेटी ने पूछा- “मम्मी सुबह कहां गई थी?”
मैंने बस इतना कहा पहाड़ पर घूमने गई थी। उसका चेहरा थोड़ा उतर गया, अच्छा नहीं लगा।
पिछले 2 महीने से हफ्ते में एक बार ट्रेक पर जा रही हूं, खुद के लिए थोड़ा वक्त निकालने को। पर हर बार यही गिल्ट रहता है।
क्या सबकी मम्मियों को ऐसा फील होता है, या सिर्फ मुझे?
