आज सुबह 7 बजे उठकर आटा गूंधा।
घर में ब्रेड बनाने का शौक हो गया है, रिटायरमेंट के बाद।
पहले टाइम ही नहीं मिलता था, अब सुबह खाली रहती हूं।
खुशबू पूरे घर में फैल गई थी।
पति बोले, बेकरी से अच्छी बनी है।
इस महीने वीकेंड पर तीसरी शादी है।
हर बार लगता है, कब से इतनी शादियां जमा हो गईं।
उम्र के इस पड़ाव पर invite देखकर पहले खुश होती थी, अब थोड़ा थकान जैसा लगता है।
खैर, ब्रेड ठंडी होने के बाद चाय के साथ खाई।
अच्छा लगा।
