बेटी का school function था और ठीक उसी शाम एक सहेली की शादी भी थी, दोनों साथ में मैनेज करना मुश्किल हो गया।
पिछले कुछ हफ्तों से लगातार शादियों के कार्ड आ रहे हैं। कॉलेज की सहेलियां, ऑफिस के लोग, सबकी शादी जैसे एक ही सीज़न में इकट्ठी हो गई हैं।
सुबह बच्चों को तैयार करना, फिर ऑफिस, फिर शाम को शादी, [इतना सब] करते-करते सच में थक जाती हूं। वीकेंड पर पहाड़ पर जाकर जो सुकून मिल जाता था, अब वो भी टलता जा रहा है।
skin की वजह से भी फंक्शन में ज्यादा देर टिक नहीं पाती, गर्मी और भीड़ में बेचैनी होने लगती है। पिछली शादी में भी थोड़ी देर में निकलने का मन करने लगा था।
(वो सहेली बहुत करीबी नहीं है, फिर भी बीच से निकलना ठीक नहीं लगा) रुकी रही, पर अंदर से असहज महसूस हुआ।
आप लोगों को लगता है बीच शादी से निकल जाना अजीब लगेगा सबको? या तबीयत का हवाला देकर जल्दी निकल जाना ठीक रहता है?
