आज मार्केट में अचानक एक पुरानी दोस्त मिल गई।
(बरसों बाद) चेहरा देखा, पहचानने में थोड़ी देर लगी।
दोनों खड़े होकर बहुत देर बातें करती रहीं।
पुराने दिनों की, कॉलेज की, सब कुछ याद आ गया।
अभी शादियों का सीजन है तो शायद किसी फंक्शन में फिर मिल जाएं।
घर आकर भी वही बातें दिमाग में घूमती रहीं।
बच्चों ने पूछा किससे मिलकर आई हूं, इतनी खुश लग रही हो।
कुछ नहीं बताया, बस मुस्कुरा दी।
शाम अच्छी बीत गई आज।
