ऑफिस से घर आते ही आज फिर एक शादी का कार्ड मिला।
अभी शादियों का सीज़न पूरे जोरों पर है और लगता है हर वीकेंड किसी ना किसी की शादी में जाना पड़ रहा है।
दोनों बच्चों को संभालना, ऑफिस का काम पूरा करना, फिर वीकेंड पर शादी अटेंड करना, सच में थका देता है!
पहले वीकेंड में ट्रेक पर निकल जाती थी तो थोड़ा सुकून मिल जाता था। अब तो वो भी शादियों की भेंट चढ़ गया है।
छुट्टी मांगो तो ऑफिस में सवाल उठते हैं, और किसी शादी में ना जाओ तो रिश्तेदारों को बुरा लग जाता है।
बच्चों को भी साथ ले जाना पड़ता है क्योंकि घर पर छोड़ने वाला कोई नहीं है, और उनकी नींद-खाने का रूटीन भी बिगड़ जाता है।
समझ नहीं आ रहा कि किन शादियों में जाना ज़रूरी है और किन में politely मना कर दूं।
इतनी सारी शादियों को सब कैसे मैनेज करते हैं? कोई अच्छा तरीका है क्या मना करने का, बिना रिश्ता खराब किए?
