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कमाई और शगुन का हिसाब नहीं बैठ रहा

आजकल पैसों का हिसाब सिर पर चढ़ गया है।

पढ़ाई की किस्त और पार्ट टाइम की कमाई, दोनों अलग-अलग दिन आती हैं। कौन सी किस्त कब भरनी है, कितना बैलेंस बचा है, याद रखना मुश्किल हो रहा है।

ऊपर से शादियों का सीज़न चल रहा है। एक के बाद एक दोस्तों की शादी आ रही है, और हर बार शगुन देना पड़ता है। इतना सारा शगुन एक साथ निकल जाए तो महीने का बजट पूरा गड़बड़ हो जाता है।

बालकनी वाले बगीचे का खर्च भी है, बीज और खाद का। अमाउंट छोटा है, पर उसके लिए अलग नोटबुक रखनी पड़ती है, नहीं तो हिसाब में शामिल ही नहीं होता।

कमाई हर महीने कम-ज़्यादा होती रहती है, इसलिए हर बार नया प्लान बनाना पड़ता है। थक गई हूँ ये सब अलग-अलग जगह लिखते-लिखते।

कोई एक जगह सब दिखाने का तरीका अपनाता है क्या, जिसमें किस्त, कमाई, शगुन, बगीचे का खर्च, सब एक साथ नज़र आए?

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