आज रात सामान पैक करते करते बहुत देर हो गई।
शिफ्टिंग पास आ रही है और घर में डब्बों का ढेर लगा हुआ है।
बरसात का मौसम है, बाहर नमी ज़्यादा है।
कोहनी पर फिर से खुजली शुरू हो गई, रात को नींद टूट गई।
दफ्तर में भी काम कम नहीं हुआ।
पूरा दिन एसी में बैठे बैठे त्वचा और रूखी हो गई है।
शाम को मॉइस्चराइज़र लगाया तो थोड़ी [राहत] मिली।
बच्चों के स्कूल का त्योहार वाला फंक्शन भी इसी हफ्ते है, कपड़े अभी सिलने बाकी हैं।
पति ऑफिस से लेट आते हैं, सब कुछ अकेले देखना पड़ रहा है।
खाना भी ठीक से नहीं हो पा रहा, मसाला ज़्यादा हुआ तो खुजली और बढ़ जाती है।
आज मन बहुत भर गया था, तो यहाँ लिख दिया।
