आज दुकान में ग्राहक से बातों में उलझी रही, ऊपर रखी ब्रेड का टाइमर पूरा 1 घंटा बजता रहा और पता ही नहीं चला।
जब याद आया तब तक ऊपर की परत बहुत गहरी हो चुकी थी। अंदर से ठीक निकली, बस देखने में जली जैसी लग रही थी।
हिसाब की कॉपी भी मेज़ पर वैसे ही खुली रह गई, आज की एंट्री कल ही करनी पड़ेगी।
