बरसात में गर्दन और कोहनी की मोड़ पर खुजली फिर शुरू हो गई है, ब्लाउज़ का कपड़ा रगड़ता है तो और बढ़ जाती है। हल्दी-नीम का लेप लगाया था, कुछ दिन आराम लगा, फिर वैसा ही हो गया।
घर का काम और नाती-पोतों की देखभाल खुद करती हूँ, हाथ बार-बार पानी-साबुन में जाते हैं, शायद इसी वजह से ठीक होने में वक्त लग रहा है।
असली टेंशन ये है कि अगले महीने भतीजे की शादी में हाथ खुले रहेंगे, कोई निशान देखकर पूछ बैठा तो क्या जवाब दूं।
किसी को ऐसा हुआ है क्या, शादी-ब्याह में सवालों का सामना कैसे करते हैं आप?
