आजकल ऑफिस का प्रेशर सीधा स्किन पर दिखने लगा है।
शाम को घर आते ही बच्चों का होमवर्क, खाना, फिर अगले दिन की मीटिंग की तैयारी, इन सबके बीच खुद के लिए वक्त निकालना मुश्किल हो जाता है।
रात को सोने का टाइम भी लगातार पीछे खिसकता जा रहा है, और अगली सुबह स्किन का हाल और खराब लगता है।
छुट्टी वाले दिन पुराना कैमरा लेकर गली में निकल जाती हूं, बस उतनी देर के लिए मन थोड़ा हल्का होता है।
रूटीन अभी शुरू ही किया है, शायद मेरे ही मामले में ऐसा हो रहा हो, पर अभी तो थकान ज्यादा महसूस हो रही है।
