बरसात में गले और कोहनी की सिलवट में जो खुजली शुरू हुई, रुकने का नाम नहीं ले रही, जहां ब्लाउज़ का कपड़ा रगड़ता है वहीं सबसे ज़्यादा जलन होती है। हल्दी-नीम का लेप 3 दिन लगाया तो थोड़ा आराम लगा, पर 5वें दिन से फिर वही खुजली लौट आई, समझ नही आ रहा कि ये ठीक हो भी रहा है या बस दब कर रह गया है।
बचपन में भी कुछ साल यही परेशानी रही थी, फिर करीब 30 साल तक कुछ नहीं हुआ, अब इस उम्र में 2 बारा शुरू होने पर घबराहट हो रही है। अगले महीने भतीजे की शादी है, हाथ और गला दोनों खुले रहेंगे, कोई दाग देखकर पूछ बैठा तो मैं क्या जवाब दूं?
