ये हफ्ता अजीब सा निकला। सहेली की शादी भी थी और वीकेंड पर ट्रेक पर भी जाना था। सोचा हर दिन नोट कर लूंगी कि खुजली कब बढ़ी कब घटी, क्या खाया क्या पहना मौसम कैसा था। रिकवरी अभी शुरू ही की है तो लगा डायरी से कुछ पैटर्न मिल जाएगा।
पर उल्टा हो गया।
शादी वाले दिन खुजली बढ़ी, ये तो समझ आता है। भीड़ थी, गहने पहने थे, पसीना भी खूब आया। पर ट्रेक पर तो पसीना उससे भी ज्यादा बहा और वहां खुजली लगभग शांत ही रही।
बच्चों को स्कूल भेजना, ऑफिस का काम, घर की भागदौड़, सब साथ चलता रहता है तो हर दिन एक जैसा भी नहीं होता कि आराम से तुलना कर सकूं। ऊपर से आगे और शादियां भी लाइन में लगी हैं।
जिन्होंने पहले डायरी बनाकर रखी है वो बताएंगे कि शुरुआत में ऐसा उलझा हुआ ही लगता है या मुझसे कहीं कुछ छूट रहा है नोट करने में?
