मौसम बदलते ही खुजली फिर बढ़ गई है।
रात को बच्चों के सोने के बाद सबसे ज्यादा खुजाती है, हाथ अपने आप जगह पर चला जाता है।
ऊपर से शादियों का सीजन आ गया है।
हर बार सोचती हूं क्या पहनूं जिससे गर्दन और कलाई की जगह ढक जाए।
वीकेंड का ट्रेक ही अभी सबसे बड़ा सुकून है, पर पसीने से खुजली और बढ़ जाती है।
फिर भी जाना बंद नहीं करना चाहती।
बस थोड़ा थक गई हूं, सब कुछ साथ-साथ संभालते संभालते।
