रात को बच्चों का होमवर्क करवाते-करवाते हाथ अपने आप (गर्दन) तक पहुंच गया।
कब से खुजा रही थी, पता ही नहीं चला।
अभी सिर्फ 2 महीने से रूटीन शुरू किया है, फिर भी हाथ पर काबू नहीं रहता।
आगे शादियों की भी लाइन लगी है, इस बार (फुल स्लीव) वाला सूट ही ठीक रहेगा।
बस यही लगा, सबका ख्याल रखते-रखते खुद का ख्याल पीछे छूट जाता है।
होमवर्क करवाते-करवाते हाथ गर्दन तक पहुंच गया
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