दोनों बच्चों को सुलाने में ही रात के 10 बज जाते हैं।
उसके बाद खाना समेटना, टिफिन तैयार करना — तब तक थकान से आँखें बंद होने लगती हैं।
क्रीम लगाना याद तो रहता है, पर टाइम पर नहीं हो पाता।
कल भी लगाई तो 11 बजे के आसपास लगाई, वो भी आधी नींद में।
अभी शुरुआत ही की है, तो हर चीज़ सही तरीके से करने की चिंता ज़्यादा रहती है।
डॉक्टर ने बोला था टाइम फिक्स रखो, पर मेरी रूटीन में फिक्स टाइम मुश्किल हो रहा है।
क्या रात को देर से (11-12 बजे) क्रीम लगाने से भी उतना ही फायदा होता है, या टाइमिंग सच में मैटर करती है?
