आजकल सुबह उठकर चलने जा रहा हूँ, पर आज भी सिर्फ 12 मिनट ही चल पाया। घुटने में हल्का खिंचाव लगते ही रुक गया।
रात को फिर वही हुआ। मोबाइल गेम खेलते-खेलते आँख लगी, फोन रख दिया, पर सुबह उठना मुश्किल हो गया।
डॉक्टर ने बीपी और नींद दोनों के बारे में कहा था। समझ में सब आता है, पर करने में बहुत मुश्किल हो रही है।
इस उमर में नौकरी बदलने की सोच रहा हूँ, बायोडाटा भी अभी तक ठीक से नहीं बना पाया। किताब के 10 पन्ने रोज पढ़ने का सोचा था, वो भी छूट गया।

सब एक साथ संभालना सच में सच में भारी लग रहा है।
