नमस्ते सबको,
मैं ताज़गी हूँ।
पिछले तीन हफ्तों से ऑफिस का स्ट्रेस त्वचा पर दिखने लगा है, इसलिए यहाँ आई हूँ।
दो बच्चों को संभालते हुए नौकरी भी करती हूँ, और खाली समय में पुराने फिल्म कैमरे से आसपास की गलियाँ खींचना अच्छा लगता है।
आजकल सोने का समय भी रोज़ थोड़ा पीछे खिसक रहा है, इसका भी कुछ असर हो शायद, ठीक से कह नहीं सकती।
अभी शुरुआत ही है।
सबसे मिलकर अच्छा लगा।
