ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नहीं है। एक लाइन ही काफी है। आप किस वजह से यहाँ आए हैं और फ़िलहाल आपकी स्थिति कैसी है, बस इतना लिख दें — इससे मिलती-जुलती स्थिति से गुज़र रहे लोग आपको पहचान लेंगे और जवाब देंगे।
अगर लिखने का मन न हो तो बिल्कुल न लिखें, कोई ज़बरदस्ती नहीं। बस पढ़ते रहना भी ठीक है। जब कभी कुछ कहने का मन करे, तब लिख दीजिएगा — तब भी देर नहीं होगी।
