रिटायरमेंट के बाद रोटी बनाने में मन लगता है।
पर स्किन फिर से परेशान कर रही है।
बचपन वाली वही दिक्कत लगती है।
आगे दोस्तों की शादियाँ भी हैं, थोड़ी चिंता है।

रिटायरमेंट के बाद रोटी बनाने में मन लगता है।
पर स्किन फिर से परेशान कर रही है।
बचपन वाली वही दिक्कत लगती है।
आगे दोस्तों की शादियाँ भी हैं, थोड़ी चिंता है।

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