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शाम की बुनाई

रोज़ सफर में बहुत वक्त निकल जाता है, घर आकर कुछ देर बुनाई करती हूँ, हाथ और दिमाग़ दोनों को थोड़ा आराम मिल जाता है।
शरीर और मन दोनों के लिए धीरे-धीरे यहाँ पढ़ना शुरू किया है।
सबको नमस्ते।

Guy Man

कमेंट 4

  • मुस्कान10.02

    बुनाई से हाथों में थोड़ी ताकत भी आती है क्या?

  • मुस्कान10.03

    मेरे हाथ भी कमज़ोर रहते हैं

  • खुशबू10.04

    बताने के लिए शुक्रिया

  • दिल से10.06

    शाम के वक्त ऐसा कुछ करना वाकई राहत देता है जी। मेरी भी पूरे दिन दुकान में खड़े-बैठे रहने से कमर और गर्दन भारी हो जाती है, तो शाम को थोड़ी देर आटा गूंथती हूँ, हाथ चलते रहते हैं और दिमाग़ खाली हो जाता है। लंबे सफर की थकान भी ऐसे ही उतरती होगी। यहाँ धीरे धीरे पढ़ना शुरू करना अच्छा कदम है। आप सबकी शाम कैसे कटती है जी

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